मुंबई स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल ने चिकित्सा जगत में एक अभूतपूर्व राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल करते हुए भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय रिमोट रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के दौरान सर्जन डॉ. टी. बी. युवराजा 5,000 किलोमीटर दूर चीन के शंघाई में थे, जबकि मरीज मुंबई में थे। 'तौमाई®' (Toumai®) रिमोट रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का उपयोग करते हुए डॉ. युवराजा ने दो मरीजों पर 'रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी' और 'पार्शियल नेफ्रेक्टॉमी' जैसी जटिल यूरोलॉजिकल सर्जरी कीं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से मंजूरी मिलने के बाद भारत में इस तकनीक का यह पहला सफल सीमा-पार नैदानिक अनुप्रयोग है, जो स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भौगोलिक दूरियों को मिटाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
तकनीकी दृष्टि से इस सर्जरी को हाई-स्पीड डेटा ट्रांसमिशन और अल्ट्रा-लो बाईडायरेक्शनल लेटेंसी (मात्र 132 मिलीसेकंड) के माध्यम से संभव बनाया गया। इस न्यूनतम विलंबता ने विशाल भौगोलिक दूरी के बावजूद वास्तविक समय में सर्जिकल नियंत्रण, सटीक विच्छेदन और उपकरणों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की। डॉ. टी. बी. युवराजा ने इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रिमोट रोबोटिक सर्जरी में उच्च गुणवत्ता वाली शल्य चिकित्सा देखभाल की पहुँच को पूरी तरह बदलने की क्षमता है। यह प्रयोग सफल रहा और इसने प्रमाणित किया कि लंबी दूरी के रोबोटिक हस्तक्षेप न केवल व्यवहार्य हैं, बल्कि ऑन-साइट सर्जरी के समान ही सटीक और सुरक्षित भी हैं।
अस्पताल के सीईओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. संतोष शेट्टी ने इस सफलता को भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक रोबोटिक्स को सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़कर अस्पताल ने यह साबित कर दिया है कि विशेषज्ञ सर्जिकल विशेषज्ञता को परिणामों से समझौता किए बिना अलग-अलग महाद्वीपों तक पहुँचाया जा सकता है। इस नवाचार से भविष्य में दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों तक विश्व स्तरीय उपचार पहुँचाने के नए रास्ते खुलेंगे। यह ऐतिहासिक सफलता कोकिलाबेन अस्पताल की चिकित्सा टीम, तकनीकी भागीदारों और मुंबई व शंघाई की इंजीनियरिंग टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है।







