पृथ्वी दिवस से पहले MIT WPU ने पेश की दो जबरदस्त ग्रीन टेक्नोलॉजी – गन्ने के रस से बनेगा हाइड्रोजन, एग्रो-वेस्ट से तैयार होगा बायोडीजल

k
krishna kant

0 बार पढ़ा गया

पृथ्वी दिवस से पहले MIT WPU ने पेश की दो जबरदस्त ग्रीन टेक्नोलॉजी – गन्ने के रस से बनेगा हाइड्रोजन, एग्रो-वेस्ट से तैयार होगा बायोडीजल

पुणे : पृथ्वी दिवस से ठीक पहले, MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MIT-WPU) ने पर्यावरण के क्षेत्र में दो बड़ी खोजों का ऐलान कर सबका ध्यान खींच लिया है। पहली खोज है – गन्ने के रस से हरित हाइड्रोजन (ग्रीन हाइड्रोजन) बनाने की तकनीक और दूसरी – एग्रो-वेस्ट से टिकाऊ बायोडीजल उत्पादन के लिए नया बैच रिएक्टर सिस्टम।

ये दोनों तकनीकें न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि देश को आत्मनिर्भर ऊर्जा की ओर ले जाने वाले मजबूत कदम भी साबित हो सकती हैं।


गन्ने के रस से बनेगा हाइड्रोजन, वो भी बिना प्रदूषण के!

MIT-WPU ने एक नई बायो-प्रोसेस विकसित की है, जिसमें सूक्ष्मजीवों की मदद से गन्ने के रस से ग्रीन हाइड्रोजन तैयार किया जाता है। खास बात ये है कि इस प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड भी एक उपयोगी रसायन – एसीटिक एसिड – में बदल जाती है। यानी प्रदूषण नहीं, बल्कि मूल्यवान उप-उत्पाद मिलते हैं।

इस खोज के लिए पेटेंट भी दायर किया जा चुका है और इसे भारत सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के पास फंडिंग के लिए भेजा गया है।


कम लागत, ज्यादा फायदा – सिर्फ $1 प्रति किलो हाइड्रोजन

प्रो. डॉ. भारत काले ने बताया कि यह तकनीक सामान्य तापमान पर काम करती है और समुद्री जल, अपशिष्ट जल और गन्ने के रस का उपयोग करती है। इससे वैश्विक हाइड्रोजन लागत को $1 प्रति किलो तक लाने की दिशा में बड़ी मदद मिल सकती है।


बायोडीजल में भी बड़ा कदम – कृषि कचरे से बनेगा ईंधन

MIT-WPU की दूसरी बड़ी खोज है एक खास बैच रिएक्टर सिस्टम, जो कृषि अपशिष्ट (एग्रो-वेस्ट) से बायोडीजल बनाता है। इस तकनीक में एक विशेष हेटेरोजीनियस कैटालिस्ट का उपयोग किया गया है, जो पूरी प्रक्रिया को तेज, कारगर और पर्यावरण के अनुकूल बनाता है।

इस कैटालिस्ट की संरचना ऐसी है कि इससे उत्पादन की गति और तापीय स्थिरता दोनों में सुधार होता है। इस तकनीक को भी पेटेंट किया जा चुका है और अगले 6 महीनों में इसके उद्योगों तक पहुँचने की उम्मीद है।


पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की समस्या का समाधान?

प्रो. काले ने यह भी बताया कि यह बायोडीजल तकनीक पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में कृषि अपशिष्ट के जलाने की समस्या से निपटने में भी उपयोगी हो सकती है। इससे न केवल प्रदूषण घटेगा, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का भी साधन मिल सकता है।


तकनीक के पीछे हैं ये दिमाग

इन दो बड़ी परियोजनाओं का नेतृत्व डॉ. भारत काले, डॉ. सागर कानेकर, डॉ. आनंद कुलकर्णी, प्रो. निरज टोपरे, डॉ. संतोष पाटिल, डॉ. देव थापा, डॉ. बिस्वास और डॉ. रत्नदीप जोशी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय अब इन तकनीकों को इंडस्ट्री तक पहुँचाने के लिए साझेदारों की तलाश कर रहा है।


भारत की ग्रीन एनर्जी क्रांति को मिली नई रफ्तार

MIT-WPU के ये नवाचार भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद अहम साबित हो सकते हैं। इनसे न केवल जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि पर्यावरण को भी राहत मिलेगी।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और पढ़ें

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के स्वामित्व पंजीयन में CM मोहन यादव हुए शामिल, उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों का किया सम्मान

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत
मध्यप्रदेश

नगर परिषद डिंडौरी की बड़ी पहल: दीपावली पर छोटे व्यापारियों को राहत

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार
ब्लॉग

सह-यात्री अमृता-दिग्विजय को भी याद रखना जरूरी - प्रो. मनोज कुमार

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद
मध्यप्रदेश

CM मोहन यादव ने दिया निर्देश, दीपावली पर सभी व्यवस्थाएं रहें चाक-चौबंद

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण
मध्यप्रदेश

स्वामित्व योजना में प्रदेश में 15 लाख 98 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूर्ण

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !
भारत

फील्डिंग में उतरे 56 सांसद, इस प्लान से सबके छूट जाएंगे पसीने !

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर
व्यापार

अनिल अग्रवाल ने भारत के तेल एवं गैस क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल नीतिगत सुधारों का स्वागत किया, कहा- देश में निवेश के असीमित अवसर

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद
व्यापार

वेदांता लिमिटेड पर ब्रोकरेज में तेजी, दूसरी तिमाही में EBIDTA दोगुना हुआ; 50 फीसदी तक की तेजी की उम्मीद

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी
व्यापार

सीडीएसएल ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए, कंसोलिडेटेड कुल आय में 22% और शुद्ध मुनाफे में 24% की सालाना बढ़ोतरी